इतने लंबे सफ़र में आएगा कौन
ज़िंदगी के इस लंबे सफ़र में हम कई मोड़ और जज़्बात से गुज़रते हैं। कभी हम तन्हा हो जाते हैं तो कभी प्यार में जुदाई का दर्द देखना पड़ता है। कुछ ऐसे ही मुख़्तलिफ़ हालात और जज़्बात को छूती है यह ग़ज़ल जिसका एक शेर है:
इतने लंबे सफ़र में आएगा कौन
इस जहाँ में वफ़ा निभाएगा कौन
From the book: सुख़न का सफ़र
शुक्रिया,
– नितिन
