अपनी भोली मुस्कुराहटों से मेरा जहाँ बसाओ तुम – A Poem For Someone Special
अपनी भोली मुस्कुराहटों से मेरा जहाँ बसाओ तुम - A Poem For Someone Special [sm-youtube-subscribe] कभी किसी की भोली मुस्कुराहट में ऐसी राहत होती है कि उसमें खो जाने को दिल करता है। उसका साथ पाते ही दिल बाग़-बाग़ हो जाता है। कुछ ऐसे ही जज़्बातों को बयाँ करती है यह ग़ज़ल जो मेरी किताब सुख़न-ए-दिल से ली गई है। आशा करता हूँ यह आपको पसंद आएगी। धन्यवाद, - नितिन



