अपनी भोली मुस्कुराहटों से मेरा जहाँ बसाओ तुम – A Poem For Someone Special

अपनी भोली मुस्कुराहटों से मेरा जहाँ बसाओ तुम – A Poem For Someone Special

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अपनी भोली मुस्कुराहटों से मेरा जहाँ बसाओ तुम - A Poem For Someone Special [sm-youtube-subscribe]   कभी किसी की भोली मुस्कुराहट में ऐसी राहत होती है कि उसमें खो जाने को दिल करता है। उसका साथ पाते ही दिल बाग़-बाग़ हो जाता है। कुछ ऐसे ही जज़्बातों को बयाँ करती है यह ग़ज़ल जो मेरी किताब सुख़न-ए-दिल से ली गई है। आशा करता हूँ यह आपको पसंद आएगी। धन्यवाद, - नितिन  
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भीड़ में रहकर भी बोला नहीँ हूँ मैं – A Poem On Those Who Speak Less

भीड़ में रहकर भी बोला नहीँ हूँ मैं – A Poem On Those Who Speak Less

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भीड़ में रहकर भी बोला नहीँ हूँ मैं - A Poem On Those Who Speak Less [sm-youtube-subscribe]   जो लोग कम बात करते हैं उनके बारे में अक्सर यह ग़लत-फ़हमी होती है कि शायद उनके पास बोलने के लिए कुछ है ही नहीं या उन्हें किसी बात से फ़र्क़ नहीं पड़ता। पर उनकी भी कोई कहानी हो सकती है। शायद किसी ने सुनने की कोशिश ही नहीं की हो। यह ग़ज़ल जो मेरी किताब सुख़न-ए-दिल से ली गई है, ऐसे ही जज़्बात पर रोशनी डालती है। आशा करता हूँ यह आपको पसंद आएगी। धन्यवाद, - नितिन  
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मोहब्बत के सफ़र की उम्र न पूछ ऐ हबीब – A Poem On Breakup, Heartbreak, And Separation

मोहब्बत के सफ़र की उम्र न पूछ ऐ हबीब – A Poem On Breakup, Heartbreak, And Separation

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मोहब्बत के सफ़र की उम्र न पूछ ऐ हबीब - A Poem On Breakup, Heartbreak, And Separation [sm-youtube-subscribe]   मोहब्बत के सफ़र में कभी-कभी प्यार करने वाले जुदा भी हो जाते हैं। मगर हम में से कितने लोग यह सोचते हैं कि क्या मैंने अपनी और से पूरी कोशिश की। मेरी यह ग़ज़ल जो मेरी किताब सुख़न-ए-दिल से ली गई है, ऐसे ही हालात पर रोशनी डालती है। आशा करता हूँ यह आपको पसंद आएगी। धन्यवाद, - नितिन  
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फिर चली हवा मेरे आँगन में – A Poem For Those Who Make Your Life Beautiful

फिर चली हवा मेरे आँगन में – A Poem For Those Who Make Your Life Beautiful

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फिर चली हवा मेरे आँगन में - A Poem For Those Who Make Your Life Beautiful [sm-youtube-subscribe]   अक्सर हमारी ज़िंदगी में कोई ऐसा रिश्ता होता है जो दिल को बहुत सुकून पहुँचाता है। और अगर आप बहुत ही ख़ुशनसीब हैं तो आपकी ज़िंदगी में ऐसे कईं रिश्ते हो सकते हैं। ऐसे ही रिश्तों को समर्पित है मेरी यह ग़ज़ल जो मेरी किताब सुख़न-ए-दिल से ली गई है। आशा करता हूँ यह आपको पसंद आएगी। धन्यवाद, - नितिन  
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